
कोरबा। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा, जिला कोरबा द्वारा आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर आधारित लाइव प्रसारण को जिला भाजपा कार्यालय में सामूहिक रूप से सुना गया। इस दौरान उपस्थित महिलाओं में विशेष उत्साह और गर्व का वातावरण देखने को मिला


कार्यक्रम में महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष श्रीमती प्रीति स्वर्णकार ने प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह अधिनियम देश की माताओं और बहनों को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक और निर्णायक कदम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को न केवल सम्मान मिल रहा है, बल्कि उन्हें उनके अधिकार भी सुनिश्चित किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर उपस्थित सभी महिलाओं ने एक स्वर में इस महत्वपूर्ण निर्णय का स्वागत किया और इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर बताया। कार्यक्रम के अंत में भारत माता के जयघोष के साथ माहौल देशभक्ति से ओत-प्रोत हो गया।
कोरबा में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल एक सामूहिक प्रसारण रहा, बल्कि यह महिलाओं के आत्मविश्वास, सम्मान और अधिकारों के प्रति बढ़ती जागरूकता का भी प्रतीक बना।

नारी शक्ति के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय
इस क्षण को महत्वपूर्ण बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “भारत 21वीं सदी के सबसे बड़े फैसलों में से एक लेने जा रहा है, एक ऐसा फैसला जो नारी शक्ति को समर्पित होगा।”
उन्होंने आगे कहा कि संसद इतिहास रचने की कगार पर है, और कहा, “राज्य विधानसभाओं से लेकर देश की संसद तक, दशकों का इंतजार अब खत्म होने वाला है।”
2023 में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “नारी शक्ति वंदन अधिनियम को समय पर लागू किया जाना चाहिए ताकि महिलाओं की भागीदारी से हमारे लोकतंत्र को मजबूती मिले।” उन्होंने आगे जोर देते हुए कहा, “हमारा प्रयास और प्राथमिकता यह है कि यह कार्य संवाद, सहयोग और भागीदारी के माध्यम से पूरा किया जाए, जिससे संसद की गरिमा बढ़ेगी।”
महिलाओं की भागीदारी के लिए आह्वान
महिलाओं की बढ़ती आकांक्षाओं पर प्रकाश डालते हुए, पीएम मोदी ने आग्रह किया, “मैं सभी महिलाओं से अपील करता हूं कि वे इस पूरी प्रक्रिया में अपनी सक्रिय भागीदारी बनाए रखें और अपने सांसदों से मिलकर अपने दृष्टिकोण और अपेक्षाओं को साझा करें।”
महिला नेतृत्व और शासन
महिलाओं के योगदान की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “भारत की नारी शक्ति ने अतुलनीय योगदान दिया है।” उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम से लेकर राष्ट्र निर्माण तक महिलाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और आगे कहा, “राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री तक, महिलाएं जहां भी रही हैं, उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई है।”
जमीनी स्तर पर शासन को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “हमारे देश में पंचायती राज संस्थाएं महिला नेतृत्व का एक उल्लेखनीय उदाहरण हैं।” उन्होंने बताया कि स्थानीय निकायों में 14 लाख से अधिक महिलाएं कार्यरत हैं, और कई राज्यों में उनकी भागीदारी लगभग 50% तक पहुंच गई है।
उन्होंने आगे कहा कि बढ़ी हुई भागीदारी से शासन व्यवस्था में सुधार हुआ है, और कहा, “निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से प्रणालियों में संवेदनशीलता आई है।”
विकास और कल्याण में महिलाएं
समावेशी विकास पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “सरकार जीवन के हर चरण में महिलाओं का समर्थन कर रही है।”
प्रमुख पहलों को सूचीबद्ध करते हुए, पीएम मोदी ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, प्रधान मंत्री मातृ वंदना योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, मिशन इंद्रधनुष, स्वच्छ भारत अभियान, प्रधान मंत्री उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत योजना और प्रधान मंत्री जन धन योजना जैसी योजनाओं का उल्लेख किया।



